सेह लेती हो क्या ?

सेह लेती हो क्या?जब दूर होते हैं हम ,जब रूठ जाते हैं हम,बेवजह जब चिलाते हैं,जाने को बोलो तब भी नहीं जाते हैं,मेरी आदत को बुला पाती हो क्या?सच बताओ सेह लेती हो क्या? खाने को बोलोखाने को दौड़े,यह आदत सुधारने की बात परआदतों को तोलेचीखते नयन अपने खामोश होठों को रोक लेती हो क्या?बताओ […]

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असमंजस

कैसे रहते हो ?अपने सपनों को घोट कर ,उन्हें अधूरा छोड़ कर , कैसे रहते हो ? सोते हो कैसे?नींदों में अपनी उजाला लिए ,ख्वाबों को अपने सांझा किए, सोते हो कैसे ? रुक जाते हैैं कदम जिन राहों पर,उन राहों पर जहां से रोज़ गुजरते हो ।बड़ते हैं कदम जिनकी ओरउनको खुद से दूर […]

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परछाई

दूरी ही है तेरे होने में पास आने की बात कब की हो गई, अब मुस्कुरा रहे है हम दोनों खुश होने की दास्तां कब की खो गई । आंसू निकलते थे मेरे हसाने में अब रोते हुए भी नहीं निकल रहे जो, जो अधूरे से लगने लगे हैं क्या वही वादे हैं वो । […]

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‘ मैं ‘

जब नहीं था कोई तब मैं ही थाजब नहीं रहेगा कोई तब भी मैं ही रहूंगाक्यों मैं- को समझने में इतना वक्त लग जाता हैक्यों मैं- को अपनाने में वक़्त निकाल जाता हैमैं जानता हूंमैं पहचानता हूंमैं खुद में पूरा हूंमैं हूं तो फिर क्यों मन से अधूरा हूंक्यों हमेशा मैं ही उलझता हूं इशारों […]

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“आंधी”🍃💨

आंधी तो तुम्हारे घर भी आती होगी आधी तो माना तुम्हारे घर भी आती होगी छत को हिलाया होगा उसने तुम्हरे खिड़कियां भी झुलाई होंगी ।।आंधी तो तुम्हारे घर भी आती होगी।। डर के मेरे बारे में भी सोचा होगा तुमने डर के सांसें भी थाम ली होंगी ।।आंधी तो तुम्हारे घर भी आती होगी।। […]

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माँ 😍

माँ को दे पाता जब तक आराम की ज़िन्दगी, चूल्हे के चुभते धुंए ने सारे बर्तन काले कर दिए । उसकी तस्वीर ने इस घर में उजाले कर दिए, जब से दर और दीवार उसके हवाले कर दिए। पुरानी अलमारी में रखी थी बचपन की याद, क्या सितम उसमें भी मकड़ी के जाले कर दिए। […]

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कैसे

हाथ छोड़ तेरा तुझे जाने दू कैसे , मान भी लुं की मिलेगी तू कभी फिर से मुकम्मल होगी यह ख्वाहिश मैं मान लू कैसे ? आंसू जो छलके तेरे जाने पे रोकु उन्हें या बेहने दू उन आंसुओं को पोछने अब तू आएगी भी यह दिल को समझा दू कैसे ? देख लूं तुझे […]

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Intimacy

The one cold hand The other cold feet When she touched me I could feel her love, i could fell for heat. She looked through her lips She smiled through her eyes Or wait i got confused, when She came closer to me as she sighs. Her touch, ohh its holiday season upon me She […]

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शहर

इस भीड़ भाड़ बरे शहर ने सिखाया है, चुप रहना , सेहते रहना देखना, और नजरअंदाज करना बेहतर था गाँव मेरा वह बिजली के जाते ही पड़ोस की चुगलियां वह बच्चो का उछलना खेलना, वह पता पूछने आए राही को पते तक लेके आना लेकिन छोड़ना पड़ा एक दिन वह नानी की कहानियां वह दादी […]

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SACRIFICE OF LOVE

In the plight of loving you, I bleed And willingly surrendered myself To death, For with death Comes emancipation. My soul is halfway across the journey, Singing joyous melodious. My spirit stays with my heart For a while Which with both great joy And pain. I cant stop your bleeding heart, Since my heart nails […]

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STRANGERS

They come and go and leave their memories and desire of presence. I never felt short of them or so, but for my life was always so dense What a divine moment, I remember ! faintly rather When in the green september I met her on Leaves and feather. Her face was so bright for […]

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LOST CHILDHOOD

I SAW HER DREAMS, I HEARD HER SCREMS. I SAW HER EYES SO BRIGHT, I FELT IN MY HEART HER PLIGHT WHAT SIN HAD SHE COMMITTED? IN THIS LIFE HAD SHE KNITTED. IN HER STROLL WERE ALL THOSE SAD FEELINGS. I DON’T KNOW IF HER WOUNDS WOULD EVER GET HEALING. SHE NEEDED TOYS AND BOOKS. […]

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सनम

कब तक अकेले रहोगे इस बिराने में, तुम एक आशियाना क्यों नहीं बना लेते? तुम्हे बफा की आदत है, तुम हमें अपना सनम क्यों नहीं बना लेते?

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रूह हो तुम

सुबह हो तुम चेहरे पे ताज़गी, जीवन में मुस्कान लाती हो।🌅 मध्याह्न मैं तेज़ गरमी हो तुम रोम रोम में , ऊर्जा का संचार करती हो।☀️ तुम सांझ हो मेरे जीवन की रूचि को, मेरे जीने के आसार से जोड़ती हो,🌄 हो ना हो रात हो तुम रात्रि की ठंडक , सुकून की नींद हो […]

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ऋतु

सुन तू मुस्कुराया कर, धूप में जैसे खिलता है फूल ☀️ उसकी तरह तू खुद को भी महकाया कर सुन तू मुस्कुराया कर हवाओं में जैसे उड़ती हैं पत्तियां 💨 तू भी ख़ुद को बेफिक्र सा उड़ाया कर सुन तू मुस्कुराया कर बारिश हो तो भीग जाया कर 🌧️ हाथ थाम मेरा फिसल जाया कर, […]

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दर्मियां

।। ढलता और उगता हुआ सूरज भी राज लिए बैठा है, मेरी आंखो मैं तेरी रूह छुपाए हुए बैठा है, शाम की चाय की चुस्की और सुबह बिस्तर की करवटों में तेरी मौजदूगी को लिए बैठा है, यह ढलता और उगता हुआ सूरज मेरे तेरे ना जाने कितने राज लिए बैठा है ।।

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जीना इसी का नाम है!

किसी की मुस्कान पे हो निसार शायद जीना इसी का नाम है। हर लम्हा जिसका रहे दिल को इंतजार शायद जीना इसी का नाम है। आंखें तरसती हो जिसे देखने को लाख बार शायद जीना इसी का नाम है। दिमाग जिससे कहे बचकाना ,लेकिन मन माने यही है प्यार शायद जीना इसी का नाम है। […]

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तुम

कुछ हुआ ही होगा कि जुब्बान पे तेरा यह नाम आया होगा, यूं ही थोड़ी तेरी याद ने मुझे हर लम्हा रुलाया होगा। तकदीर में ही थी तू तभी तुझे मुझसे मिलाया होगा, वैसे तो मिलते अनजान लाखों हैं तुझे किसी मकसद से ही मुझसे मिलाया होगा। मेरे इंतज़ार मैं बैठी तू यह समय तो […]

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